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दिल्ली विश्वविद्यालय एडमिशन 2021: दिल्ली विश्वविद्यालय एडमिशन 2021 प्रक्रिया 2 अगस्त, 2021 से शुरू कर दी गयी है। डीयू कट ऑफ के आधार पर छात्रों के प्रवेश को स्वीकार करने के लिए विश्वविद्यालय की स्पष्ट नीति है। दिल्ली विश्वविद्यालय डीयू कटऑफ अंकों में कोई छूट नहीं देता है और इस नीति के आधार पर, छात्रों को हर वर्ष लगभग 64 डीयू संबद्ध कॉलेजों में नामांकित किया जाता है। पहली डीयू कटऑफ लिस्ट 1 अक्टूबर 2021 को जारी की जाएगी।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के 'बेस्ट ऑफ फोर' की गणना करने की प्रक्रिया को जानना उन सभी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो योग्यता आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए डीयू एडमिशन 2021 प्रक्रिया का पालन करके सीट सुरक्षित करना चाहते हैं। डीयू बेस्ट ऑफ फोर (DU Best of four) गणनाओं के अलावा, अपने पसंदीदा के कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए डीयू कटऑफ 2021 और विभिन्न संबद्ध कॉलेजों के डीयू शुल्क 2021 की जानकारी इस लेख से हिंदी में प्राप्त करें।
डीयू से संबद्ध कॉलेजों में विभिन्न डीयू यूजी कार्यक्रमों में लगभग 69,554 सीटें उपलब्ध होने के साथ, विश्वविद्यालय की समग्र प्रवेश प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी है। Careers360 के इस लेख में, हमने डीयू बेस्ट ऑफ फोर और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में सभी विवरणों को शामिल किया है, जिन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रक्रिया को आसान और सुगम बनाने के लिए ध्यान में रखा जाना चाहिए।
दिल्ली यूनिवर्सिटी तथ्य एवं आंकड़े
विवरण | डेटा |
कॉलेजों की संख्या | 91 |
फैकल्टी की संख्या | 16 |
विभागों की संख्या | 86 |
सीटों की संख्या | 69,554 |
भुगतान पंजीकरण | 3,53,919 |
अवश्य पढ़ें-
डीयू एडमिशन प्रक्रिया में दिल्ली विश्वविद्यालय उन चार विषयों पर विचार करता है जिनमें छात्रों ने अपनी योग्यता परीक्षा (10 + 2 परीक्षा) में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त किए हैं। बेस्ट ऑफ़ फोर अंकों की गणना करते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना होगा।
कार्यक्रम में ऑनर्स में प्रवेश लेने के लिए, उम्मीदवारों को 'बेस्ट ऑफ़ फोर' के माध्यम से उचित प्रतिशत का लाभ दिया जाता है, यह केवल उन्हें दिया जाएगा जिन्होंने योग्यता परीक्षा में उस विशेष वैकल्पिक विषय का अध्ययन किया होगा।
एक भाषा (मूल/वैकल्पिक/फंक्शनल)
एक विषय जिसमें प्रवेश लेना चाहते हैं - ऑनर्स प्रोग्राम के लिए जिसमें प्रवेश लेना चाहते हैं उसके लिए उम्मीदवार को उस विषय को बेस्ट ऑफ फोर में शामिल करना होगा, अन्यथा 2.5% का नुकसान बेस्ट ऑफ फोर प्रतिशत गणना के समय लागू होगा। उदाहरण के लिए, यदि उम्मीदवार बीए हिंदी में प्रवेश चाहते हैं, तो उनके पास बारहवीं कक्षा में एक विषय के रूप में हिंदी होनी चाहिए। यदि उम्मीदवार पीसीबी स्ट्रीम से संबंधित हैं, तो उन्हें अपने 'बेस्ट ऑफ फोर' के कुल अंक से 2.5% की कटौती करनी होगी।
सूची ए के अनुसार कोई भी दो अन्य शैक्षणिक / वैकल्पिक विषय - यदि कोई उम्मीदवार सूची ए में सूचीबद्ध विषय को शामिल नहीं करता है, तो बेस्ट ऑफ फोर की गणना पर 2.5% अंक काटा जाएगा।
सूची ए में तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित विषय शामिल हैं जिन्हें एकेडेमिक/ वैकल्पिक विषयों के रूप में माना जाता है। सभी विषयों में थ्योरी का कम से कम 70% कॉम्पोनेन्ट और प्रैक्टिकल का 30% कॉम्पोनेन्ट होना चाहिए। थ्योरी कॉम्पोनेन्ट में आंतरिक मूल्यांकन या निरंतर मूल्यांकन शामिल नहीं है।
सूची ए
लिस्ट ए और लिस्ट बी को एक साथ देखने के बाद “डीयू बेस्ट ऑफ फोर 2021/बेस्ट फोर कॉम्बिनेशन” की गणना घबराहट का कारण बन सकता है। आसानी से, उम्मीदवार अपनी गणना प्रक्रिया को आसान और तेज़ बनाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का एक-एक करके पालन कर सकते हैं।
विज्ञान/कला/बी.कॉम कार्यक्रम के लिए डीयू बेस्ट ऑफ फोर 2021 की गणना।
पसंद के विषय का चयन करें (इसी तरह: वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, लेखा या कोई अन्य जो सूची ए और सूची बी में निर्दिष्ट है)।
ऑफबीट विषय के चयन के मामले में, जिस विषय को आप चुनना चाहते हैं, लेकिन वो विषय सूची में निर्दिष्ट नहीं है, तो दो सूचियों में से किन्हीं चार या किन्हीं तीन विषयों और अपनी पसंद के किसी एक अन्य विषय का चयन करें जो सूची में मौजूद नहीं है। तीन शैक्षणिक विषयों के साथ अपनी पसंद की एक भाषा का चयन करना भी अनिवार्य है।
अब आपके द्वारा प्राप्त किए गए कुल प्रतिशत की गणना करें (प्रत्येक विषय में प्राप्त कुल अंक और इसे विषयों की कुल संख्या से विभाजित करें)।
“डीयू बेस्ट ऑफ फोर 2021/बेस्ट फोर कॉम्बिनेशन” की गणना करने वाले उम्मीदवार एक ही बार में लिस्ट ए और लिस्ट बी देखकर घबरा या भ्रमित हो सकते हैं। आसानी से, उम्मीदवार अपनी गणना प्रक्रिया को आसान और तेज़ बनाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का क्रमबद्ध तरीके से पालन कर सकते हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में ऑनर्स प्रोग्राम के लिए प्रवेश लेने के इच्छुक लोगों को बेस्ट ऑफ फोर विषयों (जिस विषय में) को शामिल करना होगा (एक भाषा और तीन विषयों) जिसमे वे प्रवेश लेना चाहते हैं, ऐसा करने में विफल रहने पर सर्वोत्तम चार अंकों में 2.5% का नुकसान होगा।
जहां भी कोई बोर्ड वाणिज्य को विषय के रूप में पेश नहीं करता है, वहां अकाउंटेंसी को वाणिज्य के समकक्ष माना जाएगा।
जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक अध्ययन को एकेडेमिक/ वैकल्पिक विषय माना जाएगा।
संगीत और शारीरिक शिक्षा विषयों के ऑनर्स कार्यक्रम में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को संबंधित विषयों को अपने बेस्ट ऑफ़ फोर में शामिल करना होगा, ऐसा करने में विफल रहने पर बेस्ट ऑफ़ फोर विषयों के कुल अंकों में से 2.5% अंक काटा जाएगा।
केवल कंप्यूटर विज्ञान में बीएससी (ऑनर्स) में प्रवेश के लिए विषय 'सूचना अभ्यास' को कंप्यूटर विज्ञान के समकक्ष माना जाएगा।
किसी भी ऑनर्स भाषा पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को वैकल्पिक भाषा का अध्ययन करने पर दूसरों की तुलना में 2% लाभ की पेशकश की जाएगी।
यदि उम्मीदवार ने किसी भी भाषा में ऐच्छिक और कोर दोनों का अध्ययन किया है, तो मूल भाषा को एक भाषा के रूप में माना जाएगा, जबकि वैकल्पिक भाषा को एक एकेडेमिक/ वैकल्पिक विषय के रूप में माना जाएगा।
बीए (ऑनर्स) हिंदी और हिंदी पत्रकारिता में बीए (ऑनर्स) में प्रवेश क्रमशः बीए (ऑनर्स) हिंदी और बीए (ऑनर्स) अंग्रेजी में 'बेस्ट ऑफ फोर' विषय के प्रतिशत के आधार पर होगा।
केवल बीकॉम (एच) / बीकॉम में प्रवेश के लिए व्यावसायिक गणित को गणित के समकक्ष माना जाएगा।
यदि डीयू द्वारा अधिसूचित एक से अधिक गैर-सूचीबद्ध ऐच्छिक/शैक्षणिक विषय को 'बेस्ट ऑफ़ फोर की गणना' में शामिल किया जाता है, तो बीए/बी कॉम में प्रवेश के लिए 'बेस्ट ऑफ फोर' में से प्रत्येक में 2.5% अंक काटा जाएगा।
बीए (एच) राजनीति विज्ञान में प्रवेश के उद्देश्य से लीगल स्टडीज को एकेडेमिक/ वैकल्पिक विषयों के समान माना जाएगा।
बीए (एच) पत्रकारिता (अंग्रेजी / हिंदी) में प्रवेश के उद्देश्य से मास मीडिया स्टडीज को एकेडेमिक / वैकल्पिक विषयों के समान माना जाएगा।
बीए (ऑनर्स) एप्लाइड साइकोलॉजी में प्रवेश 'बेस्ट ऑफ फोर' विषय के बीए (ऑनर्स) साइकोलॉजी के प्रतिशत के आधार पर होगा।
बीए (ऑनर्स) सामाजिक कार्य में प्रवेश 'बेस्ट ऑफ फोर' विषय के प्रतिशत पर आधारित होगा, जिसमें सूची ए के अनुसार एक भाषा और तीन शैक्षणिक / वैकल्पिक विषय शामिल हैं।
अर्थशास्त्र और वाणिज्य में ऑनर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को केवल योग्यता परीक्षा स्तर पर गणित का अध्ययन और उत्तीर्ण होना चाहिए।
यदि कोई उम्मीदवार किसी भी भाषा कार्यक्रम में ऑनर्स में प्रवेश चाहता है, जिसे उसने योग्यता परीक्षा स्तर पर वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ा है, तो अन्य उम्मीदवारों पर 2% का लाभ 'बेस्ट ऑफ फोर' विषयों में दिया जाएगा।
यदि किसी उम्मीदवार ने अर्हक परीक्षा स्तर पर भाषा का अध्ययन नहीं किया है और वह उस भाषा में ऑनर्स में प्रवेश चाहता है तो उसे 'बेस्ट ऑफ फोर' विषयों में 5% का नुकसान होगा।
अंग्रेजी और हिंदी में ऑनर्स में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को योग्यता परीक्षा में संबंधित भाषा का अध्ययन और उत्तीर्ण होना चाहिए और 'बेस्ट ऑफ फोर' प्रतिशत में गणना के लिए इसे शामिल करना होगा।
यदि स्ट्रीम परिवर्तन का कोई मामला है, तो 'बेस्ट ऑफ फोर' प्रतिशत पर अधिकतम 5% का नुकसान लगाया जा सकता है। इसके अलावा, कॉलेज को अपनी वेबसाइट पर अधिकतम 5% की वास्तविक कटौती की सूचना देनी होगी और विश्वविद्यालय को भी इसकी सूचना देनी होगी।
यदि कोई उम्मीदवार केवल बीए वोकेशनल में प्रवेश चाहता है, तो संबंधित वोकेशनल विषयों को एकेडेमिक / वैकल्पिक विषयों के समान माना जाएगा।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 'बेस्ट ऑफ फोर की गणना' के लिए अधिकतम दो वोकेशनल विषयों को शामिल किया जा सकता है।
यदि कोई उम्मीदवार कार्यक्रम के रूप में हिंदी को छोड़कर आधुनिक भारतीय भाषाओं (एमआईएल) का विकल्प चुनता है, तो डीयू के कॉलेजों में जहां एमआईएल को एक कार्यक्रम के रूप में पेश किया जा रहा है, 'बेस्ट ऑफ फोर' प्रतिशत में अधिकतम 10% का लाभ दिया जा सकता है।
इसी तरह पिछले वर्ष भी गणित विज्ञान, विज्ञान, गृह विज्ञान कार्यक्रमों के लिए चयन का आधार अपरिवर्तित रहा। हालांकि, चयन के आधार के लिए शामिल किए जाने वाले विषयों, यानी पीसीएम/पीसीबी/पीसीएमबी में सैद्धांतिक परीक्षा के कम से कम 70% कॉम्पोनेन्ट होने चाहिए, जिसमें अर्हक परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन और निरंतर मूल्यांकन शामिल नहीं है, अन्यथा प्रत्येक विषय पर अधिकतम 10% अंकों को काटा जा सकता है।
स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए डीयू कट ऑफ 2021 ऑनलाइन मोड में 1 अक्टूबर को प्रकाशित किया जाएगा। डीयू कॉलेजों में प्रवेश का प्रवेश द्वार विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कट ऑफ अंकों पर आधारित है। डीयू कट ऑफ का साल दर साल रुझान ऊपर की तरफ है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में आवेदक होते हैं, चार विषयों के संयोजन की प्रवृत्ति और सीबीएसई एवं अन्य समकक्ष बोर्ड परीक्षाओं का स्तर बढ़ता जा रहा है।
विभिन्न कॉलेजों के डीयू कट ऑफ 2021 में न्यूनतम अंक / परसेंटाइल शामिल हैं जो छात्र को किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए प्राप्त करना होगा। योग्यता के आधार पर छात्रों का अंतिम चयन डीयू के बेस्ट ऑफ़ फोर का चयन करने के लिए आवश्यक कुल अंकों को उत्तीर्ण करने की उम्मीदवार की क्षमता के आधार पर किया जाता है। हर वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों/पाठ्यक्रमों के लिए डीयू कट ऑफ की मेरिट सूची राउंड के अनुसार प्रकाशित की जाती है।
डीयू कट ऑफ-राउंड-वाइज
उम्मीदवारों के लिए डीयू पात्रता मानदंड 2021 नियमों की एक रूपरेखा है जिसके आधार पर छात्रों द्वारा जमा किया गया डीयू आवेदन पत्र 2021 विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा स्वीकार किया जाता है। छात्रों के लिए पात्रता मानदंड को पढ़ना और समझना महत्वपूर्ण है ताकि गलतियों से बचा जा सके जिसके वजह से आवेदन पत्र को रद्द किया जा सकता है।
यदि छात्र डीयू विज्ञान पाठ्यक्रमों के लिए फॉर्म भरना चाहते हैं, तो उन्हें विज्ञान स्ट्रीम की पात्रता मानदंड की जानकारी रखनी होगी, अन्यथा गलती होने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, डीयू कॉलेजों द्वारा पेश किए जाने वाले सभी पाठ्यक्रमों की पात्रता मानदंड 2021 अलग-अलग हैं।
डीयू पात्रता मानदंड
Frequently Asked Questions (FAQs)
डीयू में बेस्ट ऑफ़ फोर विषयों के लिए परीक्षा में कम से कम 70% थ्योरी कंपोनेंट होना आवश्यक है।
संगीत और शारीरिक शिक्षा डीयू के चार में से दो गैर-शैक्षणिक विषय हैं क्योंकि वे सूची ए और सूची बी में शामिल नहीं हैं। इसलिए यदि छात्रों की योग्यता परीक्षा में कोई भी विषय था, तो उन्हें कुल अंकों में 2.5% अंक नुकसान हो सकता है।
यदि उम्मीदवारों की योग्यता परीक्षा में गणित था, तो वे डीयू की बेस्ट ऑफ़ फोर नीतियों के अनुसार अर्थशास्त्र और वाणिज्य में ऑनर्स लेने के लिए योग्य हैं।
SRCC B.Com ऑनर्स कोर्स का DU कट ऑफ 2020 में 99.50% और BA ऑनर्स कोर्स का 99% था।
SRCC B.Com और BA ऑनर्स पाठ्यक्रमों की DU कट ऑफ 2021 क्रमशः 97-99.75% के आसपास होने की संभावना है।
अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लीगल, गणित, सांख्यिकी, भौतिकी कुछ गैर-भाषा विषय हैं जिन्हें डीयू की बेस्ट ऑफ़ फोर की सूची ए में शामिल किया गया है।
हां, अकाउंटेंसी डीयू बेस्ट ऑफ फोर का एक हिस्सा है। इसे वाणिज्य के समकक्ष माना जाता है यदि बोर्ड ने इसे योग्यता परीक्षा स्तर में एक विषय के रूप में नहीं माना है।
हां, बिजनेस स्टडीज, बायोटेक्नोलॉजी और बायोलॉजी तीन विषय हैं जिन्हें एकेडेमिक / वैकल्पिक विषय माना जा सकता है।
उम्मीदवार जो किसी भी आधुनिक भारतीय भाषा (एमआईएल) को एक कार्यक्रम के रूप में लेने के इच्छुक हैं, उन्हें डीयू में बेस्ट ऑफ़ फोर अंकों की गणना में 10% तक का लाभ होगा। यदि उम्मीदवार एमआईएल कार्यक्रम के रूप में हिंदी को चुनते हैं तो इसका लाभ नही मिलेगा।
हां, आप बीकॉम ऑनर्स प्रोग्राम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। यूनिवर्सिटी ने बिजनेस मैथमेटिक्स को गणित के समकक्ष विषय मानने के लिए डीयू में बेस्ट ऑफ फोर कैलकुलेशन पॉलिसी का स्पष्ट उल्लेख किया है।
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